TV News India
Exclusive News Virtual Reality धर्म बिहार और झारखण्ड

हिंदू भाई एकता समिति के बिहार अध्यक्ष श्री भरत जी मनोनीत !

धर्म (TV NEWS INDIA) श्री भरत जी को हिंदू भाई एकता समिति का बिहार का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है इस कारण से क्षेत्र में हर्ष और उल्लास का माहौल छाया है हिन्दू भाई एकता समिति का प्रमुख उद्देश्य सनातन धर्म का प्रचार और प्रसार करना है तथा सभी वर्गों को एकत्रित करके सनातन धर्म के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करना है जिससे आने वाले भविष्य में सनातन धर्म का प्रचार करने के लिए स्कूल और कॉलेज भी खुलवाने का विचार है !

जानकारी के लिए बता दें कि पश्चिमी संस्कृति में सनातन धर्म की संस्कृति को दिन प्रतिदिन सभी लोग बुलाते चले गए हैं जन जागरूकता की जिम्मेदारी को पूर्ण रूप से निर्वाहन करने से भरत जी को हिंदू भाई एकता समिति का बिहार का अध्यक्ष मनोनीत कर दिया गया है इतना ही नहीं श्री भरत जी ने सनातन धर्म के प्रचार के लिए दिन रात परिश्रम किया है जिसका दिन है कि आज उन्हें बिहार का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है

हिंदू भाई सेवा समिति के कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष डॉ विजय कांत तिवारी ने बताया सनातन धर्म अपने मूल रूप हिन्दू धर्म के वैकल्पिक नाम से जाना जाता है। वैदिक काल में भारतीय उपमहाद्वीप के धर्म के लिये ‘सनातन धर्म’ नाम मिलता है। ‘सनातन’ का अर्थ है – शाश्वत या ‘हमेशा बना रहने वाला’, अर्थात् जिसका न आदि है न अन्त !

हिंदू भाई सेवा समिति के कार्यकारी सचिव श्री राजीव मिश्र ने बताया सनातन धर्म मूलत: भारतीय धर्म है, जो किसी ज़माने में पूरे वृहत्तर भारत (भारतीय उपमहाद्वीप) तक व्याप्त रहा है। विभिन्न कारणों से हुए भारी धर्मान्तरण के बाद भी विश्व के इस क्षेत्र की बहुसंख्यक आबादी इसी धर्म में आस्था रखती है। सिन्धु नदी के पार के वासियो को ईरानवासी हिन्दू कहते, जो ‘स’ का उच्चारण ‘ह’ करते थे। उनकी देखा-देखी अरब हमलावर भी तत्कालीन भारतवासियों को हिन्दू और उनके धर्म को हिन्दू धर्म कहने लगे !

हिंदू भाई सेवा समिति के कार्यकारिणी उपाध्यक्ष प्रवीण पांडेय ने भी बताया भारत के अपने साहित्य में हिन्दू शब्द कोई १००० वर्ष पूर्व ही मिलता है, उसके पहले नहीं। हिन्दुत्व सनातन धर्म के रूप में सभी धर्मों का मूलाधार है क्योंकि सभी धर्म-सिद्धान्तों के सार्वभौम आध्यात्मिक सत्य के विभिन्न पहलुओं का इसमें पहले से ही समावेश कर लिया गया था।

हिंदू भाई सेवा समिति के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष (दिल्ली) सुशील पांडेय ने भी बताया यह पथ सनातन है। समस्त देवता और मनुष्य इसी मार्ग से पैदा हुए हैं तथा प्रगति की है। मनुष्यों अपने उत्पन्न होने की आधाररूपा अपनी माता को विनष्ट न करें बल्कि अपनी पद्धति को पहचाने अपनी संस्कृति को पहचाने !

हिंदू भाई सेवा समिति के कार्यकारिणी प्रदेश अध्यक्ष बंगाल श्री जयदीप भट्टाचार्य ने भी बताया सनातन धर्म जिसे हिन्दू धर्म अथवा वैदिक धर्म भी कहा जाता है, का १९६०८५३११० साल का इतिहास हैं। भारत (और आधुनिक पाकिस्तानी क्षेत्र) की सिन्धु घाटी सभ्यता में हिन्दू धर्म के कई चिह्न मिलते हैं। इनमें एक अज्ञात मातृदेवी की मूर्तियाँ, शिव पशुपति जैसे देवता की मुद्राएँ, लिंग, पीपल की पूजा, इत्यादि प्रमुख हैं

हिंदू भाई सेवा समिति के कार्यकारिणी बिहार के प्रदेश अध्यक्ष श्री भरत पोद्दार ने भी बताया इतिहासकारों के एक दृष्टिकोण के अनुसार इस सभ्यता के अन्त के दौरान मध्य एशिया से एक अन्य जाति का आगमन हुआ, जो स्वयं को आर्य कहते थे और संस्कृत नाम की एक हिन्द यूरोपीय भाषा बोलते थे। एक अन्य दृष्टिकोण के अनुसार सिन्धु घाटी सभ्यता के लोग स्वयं ही आर्य थे और उनका मूलस्थान भारत ही था।

हिंदू भाई सेवा समिति कार्यकारिणी के हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष संदीप सेन ने बताया प्राचीन काल में भारतीय सनातन धर्म में गाणपत्य, शैवदेव:कोटी वैष्णव,शाक्त और सौर नाम के पाँच सम्प्रदाय होते थे गाणपत्य गणेशकी, वैष्णव विष्णु की, शैवदेव:कोटी शिव की, शाक्त शक्ति की और सौर सूर्य की पूजा आराधना किया करते थे। पर यह मान्यता थी कि सब एक ही सत्य की व्याख्या हैं।

हिंदू भाई सेवा समिति के कार्य कर दिए झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया यह न केवल ऋग्वेद परन्तु रामायण और महाभारत जैसे लोकप्रिय ग्रन्थों में भी स्पष्ट रूप से कहा गया है। प्रत्येक सम्प्रदाय के समर्थक अपने देवता को दूसरे सम्प्रदायों के देवता से बड़ा समझते थे और इस कारण से उनमें वैमनस्य बना रहता था। एकता बनाए रखने के उद्देश्य से धर्मगुरुओं ने लोगों को यह शिक्षा देना आरम्भ किया कि सभी देवता समान हैं, विष्णु, शिव और शक्ति आदि देवी-देवता परस्पर एक दूसरे के भी भक्त हैं। उनकी इन शिक्षाओं से तीनों सम्प्रदायों में मेल हुआ और सनातन धर्म की उत्पत्ति हुई। सनातन धर्म में विष्णु, शिव और शक्ति को समान माना गया और तीनों ही सम्प्रदाय के समर्थक इस धर्म को मानने लगे। सनातन धर्म का सारा साहित्य वेद, पुराण, श्रुति, स्मृतियाँ,उपनिषद्, रामायण, महाभारत, गीता आदि संस्कृत भाषा में रचा गया है।

और हिंदू भाई सेवा समिति के श्री भरत जी ने संस्था सहयोग के साथ बिहार में सनातन धर्म का प्रचार प्रसार बृहद रूप से किया जिसको देखते हुए उन्हें बिहार का अध्यक्ष मनोनीत कर दिया गया है इससे संस्था के सभी सहयोगीयों ने बधाई देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया !

 

ब्यूरो रिपोर्ट

TV NEWS INDIA

Related posts

राष्ट्रीय जनहित कामगार महासंघ के उपाध्यक्ष जगदम्बा चुने गए

tvnewsadmin

प्रभू यीशू प्रेममय, दयालु व शांति प्रिय थे- गुड़डू खान

tvnewsadmin

पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

tvnewsadmin

Leave a Comment