कई टेलीकॉम कंपनियां बंद होने की कगार पर…….

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देश /विदेश  -: ऐसे समय में, जब सरकार दूरसंचार क्षेत्र में 5जी सेवा को लांच करने की तैयारी कर रही है, घरेलू बाजार की टेलीकॉम कंपनियां 2जी या 3जी सेवा भी जारी रखने की स्थिति में नहीं है। इन कंपनियों की हालत देखते हुए सेल्यूलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर उद्योग के अनुकूल कदम उठाने की गुहार लगाई है। हालांकि रिलायंस जियो अन्य कंपनियों से अलग है।

  •  सीओएआई के महानिदेशक राजन मैथ्यू ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दूरसंचार क्षेत्र की कंपनियों की नकद आमदनी काफी घट गई है। कंपनियों को लाइसेंस फी, स्पैक्ट्रम यूसेज चार्जेज और कर्मचारियों को वेतन देने के लिए या तो ऋण लेना पड़ रहा है या फिर कोई परिसंपत्ति बेचकर राशि जुटानी पड़ रही है। इन कंपनियों की नकदी आमदनी में गिरावट का अंदाजा इनके ईबीआईटीडीए (अर्निंग बीफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन एंड एमोरटाइजेशन) मार्जिन से मिलता है। तीन-चार साल पहले ही इनका ईबीआईटीडीए मार्जिन 25 से 30 फीसदी था, जो कि अब नकारात्मक हो गया है।
  • मैथ्यू ने कहा कि इस समय भारत में ग्राहकों से दूरसंचार सेवाओं का जो शुल्क लिया जाता है, वह बहुत कम है। इस तरह का शुल्क कहीं देखने को नहीं मिलता। इसलिए इस पर कंपनियों का कामकाज चल पाना मुश्किल है। एमटीएनएल और बीएसएनएल दोनों सरकारी कंपनियां हैं, इसलिए चल जाएंगी। निजी क्षेत्र की कंपनियां इतनी कम आमदनी में कैसे काम करें।

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