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अनटोल्ड स्टोरी : मुस्कुराहट के पीछे छिपा था असहनीय दर्द

सुशांत सिंह राजपूत एक ऐसा कलाकार जिसकी मुस्कुराहट उसका परिधान थी। सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या की खबर सुनकर यकीन नहीं हो रहा है कि एक ऐसा युवा कलाकार जिसके चेहरे को देखकर कभी नहीं लगता था कि इसे कोई दुख होगा। किसी को क्या पता था कि सुशांत सिंह राजपूत के इसी हंसतेखेलते चेहरे के पीछे ऐसा कौन सा दुख और दर्द था जिसकी वजह से उन्हें यह आत्महत्या जैसा कडा कदम उठाना पडा। सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या की है या उनकी मौत का कोई अन्य कारण है, यह भी जांचपडताल का विषय है।

सुशांत सिंह राजपूत ऐसे अभिनेता में गिने जाते है जिन्होंने काफी कम समय में अपना नाम कमाया। फ़िल्म इंडस्ट्री में खुद की अलग पहचान बनाई। सुशांत सिंह राजपूत का फ़िल्मी सफ़र काफी रोचक है। उन्होंने सबसे पहले करियर की शुरुवात छोटे पडदे पर की। बहुत से अभिनेता ऐसे होते जो बड़े पडदे पर करियर की शुरुवात करते है। मगर सुशांत सिंह राजपूत के करियर की शुरुवात बिलकूल ही अलग है उन्होंने सबसे पहले टीवी पर काम किया।

सुशांत सिंह राजपूत का जन्म बिहार राज्य के पटना में कृष्ण कुमार सिंह और उषा सिंह के घर 21 जनवरी 1986 को हुआ था। उनका पैतृक घर बिहार के पूर्णिया जिले में है। उनकी एक बहन, मीतू सिंह, राज्य स्तर की एक क्रिकेटर हैं। 2002 में सुशांत सिंह राजपूत के सिर से माँ का साया उठ गया और उसी वर्ष सुशांत सिंह राजपूत का परिवार पटना से दिल्ली आ गया।

सुशांत सिंह राजपूत ने पटना के सेंट करेनस हाई स्कूल और नई दिल्ली के कुलाची हंसराज मॉडल स्कूल में पढ़ाई की। उन्होंने 2003 में डीसीई प्रवेश परीक्षा में सातवां स्थान प्राप्त किया था और दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) में प्रवेश प्राप्त किया था। जब सुशांत सिंह राजपूत यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे थे तो उन्होंने शियामक दावर के डांस क्लास में दाखिला लिया था। क्लास ज्वाइन करने के बाद ही उनके दिमाग में खयाल आया की उन्हें एक्टिंग में करियर करना चाहिए। क्यों की जिस क्लास में वो डांस सिख रहे थे वहा के कुछ छात्र बारी जॉन के ड्रामा क्लास में भी जाते थे। उन छात्रों का प्रभाव सुशांत सिंह पर भी पड़ा और उन्होंने भी उस क्लास में जाना शुरू कर दिया। कुछ महीनो के भीतर उन्हें दावर के अच्छे डांस ग्रुप में शामिल किया गया। 2005 में जो 51 वा फिल्मफेयर पुरस्कार समारोह हुआ था उसमे बैकग्राउंड डांसर्स के ग्रुप में सुशांत राजपूत भी थे। 2006 के कॉमनवेल्थ क्रीडा स्पर्धा का आयोजन ऑस्ट्रेलिया में किया गया था जिसमे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था उसमे भी राजपूत को शामिल किया गया था। उस वक्त वो अपनी इंजीनियरिंग की पढाई कर के काफी थक चुके थे और साथ ही पेपर में फ़ैल हो गए थे और पढाई में उनका मन भी नहीं लग रहा था। मगर उसी समय डांस और ड्रामा में उनकी रुची बढती ही जा रही थी। तभी उन्होंने इंजीनियरिंग छोड़ने का फैसला लिया और पूरी तरह से डासिंग और एक्टिंग पर ध्यान देना शुरू कर दिया था।

फिल्मो में काम करने के लिए सुशांत मुंबई चले गए और वहा के नादिरा बब्बर के ‘एकजुट’ थिएटर में ढाई साल काम किया। उस दौरान उन्होंने टीवी पर नेस्ले मंच के विज्ञापन में काम किया। वो विज्ञापन पुरे देश में बहुत मशहूर हो गया था। 2008 में सुशांत एकजुट थिएटर के ड्रामा में एक्टिंग कर रहे थे तभी ‘बालाजी टेलेफिल्म्स’ की टीम ने उन्हें एक्टिंग करते हुए देखा था और सभी काफी प्रभावित भी हुए थे। उन्होंने कुछ दिन बाद ही राजपुत को ऑडिशन के लिए भी बुला लिया था और उन्हें ‘किस देश में है मेरा दिल’ शो में प्रीत जुनेजा का किरदार निभाने का मौका मिला था। मगर जिस किरदार को उन्होंने निभाया था वो उस शो में बहुत ही जल्द मर जाता है। मगर उस शो में उनका किरदार लोगो को इतना पसंद आया की उन्हें उस शो के फिनाले मे आत्मा के रूप में फिर से बुलाया गया था। उनके इस कामयाबी को देखकर उनके घर के लोग भी काफी खुश थे। पवित्र रिश्ता जैसी मशहूर सीरियल में उन्होंने अहम किरदार निभाया था। इस सीरियल की वजह से वो काफी प्रसिद्ध हुए। इस सीरियल में जिस तरह से उन्होंने एक्टिंग की उसकी सभी ने बहुत तारीफ़ की। इस सीरियल में उन्होंने जो किरदार निभाया उसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ट अभिनेता पुरस्कार दिया गया और साथ ही सबसे मशहूर अभिनेता पुरस्कार से भी सम्म्नानित किया गया। यहाँ से ही उनके नए जिंदगी की शुरुवात हुई और उन्हें फिल्मो में जाने का रास्ता भी इस सीरियल के माध्यम से ही मिल सका।

मई 2010 में राजपूत ‘जरा नचके दिखा 2’ डांस रियलिटी शो में भी नजर आये थे। पवित्र रिश्ता सीरियल में उन्होंने साबित तो कर ही दिया था की वो एक अच्छे अभिनेता है मगर उन्हें डांस को ओर भी बेह्तर बनाना था इसीलिए उन्होंने डांस ट्रेनिंग लेना शुरू कर दिया था। जरा नच के दिखा शो में राजपुत मस्त कलंदर बॉयज टीम में थे। उन्होंने एक साथ “पवित्र रिश्ता” और जरा नचके दिखा 2 के लिए काम किया। मातृत्व दिवस के खास एपिसोड के लिए उनके टीम ने काफी शानदार प्रदर्शन किया और उनकी माँ को श्रद्धांजलि दी। दिसम्बर 2010 में उन्होंने ‘झलक दिखला जा 4’ डांस रियलिटी शो में भी हिस्सा लिया था। उस शो में उन्होंने कोरियोग्राफर शम्पा सोंथालिया के साथ में काम किया था। अक्टूबर 2010 में उन्होंने फ़िल्म मेकिंग का कोर्स करने के लिए परदेस जाना था इसीलिए उन्होंने “पवित्र रिश्ता” सीरियल को छोड़ देने का फैसला किया था।

अभिषेक कपूर की ‘काई पो चे’ फ़िल्म में काम करने के लिए राजपूत ने ऑडिशन दिया था और उस फ़िल्म में मुख्य किरदार निभाने के लिए उनका चयन भी किया गया था । चेतन भगत की नावेल 3 मिस्टेक ऑफ़ माय लाइफ पर आधारित इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छी कमाई भी की थी। राजपूत की अन्य फिल्मे भी हिट रही जिसमे “शुद्ध देसी रोमांस”, “केदारनाथ”, “सोनचिड़िया”, “छिछोरे” और ‘पीके’ थी उनकी यह फ़िल्म बहुत सुपरहिट फ़िल्म साबित हुई और फ़िल्म ने बॉक्स ऑफिस पर काफी कमाई भी की थी।

2016 में नीरज पांडे की भारतीय क्रिकेटर धोनी के जीवन पर आधारित फ़िल्म ‘‘एम. एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ फ़िल्म में सुशांत सिंह राजपूत नजर आये थे। इस फिल्मे में उन्होंने भारतीय बल्लेबाज और टीम इंडिया के कप्तान महेंद्रसिंह धोनी का अहम किरदार निभाया था। बॉक्स ऑफिस पर यह फ़िल्म सुपरहिट हुई और 2016 में सबसे अधिक कमाई करनेवाली फ़िल्म में इस फ़िल्म को शामिल किया गया था। इस फ़िल्म में उन्होंने इतना शानदार किरदार निभाया था की उसके लिए उन्हे ‘फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ट अभिनेता पुरस्कार’ के लिए नामित भी किया गया था।

साल 2019  में अभिनेता सुशान्त सिंह राजपूत ने खुदखशी जैसे गंभीर मुद्दे पर बनी फिल्म छिछोरे में अहम् भूमिका निभाई थी। इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसे पिता का किरदार निभाया था जिसका बीटा परीक्षा में कम नंबर आने पर डिप्रेसन में चला जाता है और आत्महत्या का प्रयास करता है तब सुशान्त सिंह राजपूत अपनी कालेज के दिनों की नाकामयाबी की कहानी सुनकर बेटे को डिप्रेशन से उबरते है इस फिल्म ने जहाँ लोंगो को शिख दिया वही तारीफ भी बटोरी लेकिन अफसोश अपनी रियल लाइफ में वो खुद को नहीं संभाल पाए।

14 जून 2020 को महज 34 साल की उम्र में सुशांत सिंह राजपूत का आत्महत्या करना सभी को परेशान एवं हैरान कर गया। सुशांत सिंह राजपूत ने अपने 12 साल के टेलीविजन और फिल्मी कॅरियर में अपने अभिनय से सबका दिल जीता और हिंदी सिनेमा में अपने अभिनय की अमिट छाप छोड़ी। लोकप्रिय अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का यूँ अचानक जाना हिंदी फिल्म जगत और उनके चाहने वालों के लिए अत्यंत दुखद है। सुशांत सिंह राजपूत प्रतिभाशाली युवा कलाकार थे . वे आज के युवाओं के लिए प्रेरणा हें, उन्होंने जिस तरह से बिना किसी सपोर्ट के अपने बलबूते पर बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई वो वाकई तारीफ-ए काबिल है। सुशांत सिंह राजपूत ने अपने छोटे से जीवन सफर में यह साबित कर दिया कि अगर मंजिल को पाने की चाह हो और मजबूत हौसले हों तो, सफलता जरूर मिलती है।

सुशांत सिंह राजपूत बॉलीवुड का एक उभरता हुआ सितारा था उन्होंने कई हिंदी फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। सुशांत सिंह राजपूत का मुस्कुराता हुआ चेहरा हमेशा याद आयेगा। सुशांत के परिजनों, दोस्तों और प्रशंसको को हमेशा एक बात का मलाल रहेगा कि उनको ऐसी क्या परेशानी थी जिसको वो मन ही मन में दबाकर घुटते रहे और उन्हें यह कदम उठाने के लिये मजबूर होना पडा। अपने जीवन में काफी संघर्षों के बाद सफलता की सीढियां चढने वाला सुशांत कैसे अपने जीवन से हार गया। एक मध्यमवर्गीय परिवार से आया यह नौजवान अभिनेता अपने अभिनय और मेहनत के दम पर फर्श से अर्श तक पहुंचा। उनका यूँ चले जाना उनके परिजनों और प्रशंसकों के लिये अत्यन्त पीड़ादायक है और यह फिल्मजगत के लिए एक बड़ा नुकसान है। ईश्वर उनके परिवार एवं प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति दे।

|| सुशांत सिंह राजपूत को TV NEWS INDIA  की पूरी टीम की तरफ से भावपूर्ण श्रद्धांजली।।

Report : Ashutosh Singh

 

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