कोरोना से बचाएगा विसंक्रमण का यह तौर-तरीका’’ जिन सतहों को लोग ज्यादा स्पर्श करते हैं उनका नियमित विसंक्रमण आवश्यक है

गोरखपुर, 28 अगस्त 2020(TV NEWS INDIA)
कोरोना संक्रमण के इस दौर में विशेषज्ञों का दावा है कि सिर्फ आवश्यक सावधानी ही इससे बेहतर बचाव है। इन सावधानियों में भीड़भाड़ वाली जगहों के विसंक्रमण की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है। खासतौर से उन सतहों का नियमित विसंक्रमण आवश्यक है जिन्हें लोग ज्यादा से ज्यादा स्पर्श करते हैं। सार्वजनिक स्थानों के ऐसी सतहों के अलावा घरों में भी उन चीजों को समय-समय पर विसंक्रमित करने की आवश्यकता है जिन्हे हम अक्सर छूते रहते हैं या हमारे घरों तक आने वाले लोग आए दिन छूते रहते हैं। क्षेत्र में जाकर कार्य करने वाले लोगों को तो फेसशील्ड, चश्मा, हेलमेट, पर्स और मोबाइल को भी सावधानी के साथ सैनेटाइजर से विसंक्रमित करना चाहिए। मोबाइल का सैनेटाइजेशन सावधानी से किया जाए तो खराब होने का खतरा नहीं रहता है।

अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नीरज कुमार पांडेय का सुझाव है कि सार्वजनिक स्थानों के दरवाजे की कुंडी, मेज, कुर्सी, फर्श, हैंडिल, सीढ़ी की रेलिंग, छत की रेलिंग जैसी जगहों को जिनको लोग सबसे ज्यादा छूते हैं उनकी नियमित सफाई होनी चाहिए। इस बारे में अस्पतालों में अतिरिक्त सतर्कता की आवश्यकता है। इनका विसंक्रमण सोडियम हाइपोक्लोराइज साल्यूशन का पानी के साथ घोल बना कर किया जाता है। सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में इस काम पर खासतौर से जोर है और सुबह-सवेरे नियमित सैनिटाइजेशन का निर्देश है। भीड़भाड़ वाले प्रत्येक प्रतिष्ठान में नियमित विसंक्रमण अवश्य होना चाहिए।

जिला क्वालिटी कंसल्टेंट डॉ. मुस्तफा खान का कहना है कि क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को अगर काफी भीड़भाड़ में काम करना पड़ रहा है तो फेसशील्ड भी अवश्य इस्तेमाल करना चाहिए। लेकिन साथ में सावधानी भी रखनी होगी। फेसशील्ड को भी इस्तेमाल के बाद सैनिटाइज करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि मोबाइल, चश्मे, हेलमेट या पर्स का सैनिटाइजन करने के लिए रूई में सैनिटाइजर का हल्का घोल मिला कर हल्के हाथों से सैनिटाइज कर सकते हैं। समय-समय पर मोबाइल को कुछ देर के लिए तेज धूप में रख सकते हैं। मोबाइल पर गाढ़ा सैनिटाइजर डालने से डिस्प्ले खराब होने का खतरा रहता है। बाइक से चलने वालों के लिए हेलमेट एक अच्छे फेसशील्ड का काम करता है लेकिन इस्तेमाल के बाद इसका विसंक्रमण भी आवश्यक है।
गगहा ब्लॉक के ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर (बीसीपीएम) अशोक पांडेय का कहना है कि आशा कार्यकर्ता इस समय क्षेत्र में कोरोना से बचाव अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उनके पर्यवेक्षण के सिलसिले में जब भी बाहर जाना होता है, खुद भी विसंक्रमण के नियमों का पालन करते हुए उन्हें विसंक्रमण के तरीके बताते हैं। समुदाय में जाने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को हेडकैप, हैंडग्लब्स, मॉस्क, फेसशील्ड लगाना अनिवार्य है और फेसशील्ड छोड़ कर बाकी चीजें दोबारा इस्तेमाल नहीं करनी है। सभी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश है कि किसी के घर की कुंडी, दरवाजा या अन्य सतह को बिल्कुल न छुएं।

बदलना होगा व्यवहार
कोरोना से बचाव के लिए सभी को व्यवहार परिवर्तन करना होगा। इंफेक्शन कंट्रोल के नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। घर हो या सार्वजनिक स्थान, उन सतहों का नियमित सैनिटाइजेशन आवश्यक है जिन्हें जाने-अनजाने कई बार स्पर्श किया जाता है।
डॉ. श्रीकांत तिवारी, मुख्य चिकित्साधिकारी

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जिला विशेष संवाददाता