बच्चों को सेहतमंद बनाने के लिए मिड डे मील में शामिल करें शकलकंद

लाइफस्टाइल (TV News India): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चर्चा के बाद सुर्खियों में आयी सुनहरी शकरकंद में पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा है। इसे मिड डे मिल योजना में शामिल करने की बात चल रही है। अगर ऐसा हुआ तो नौनिहाल न सिर्फ शरीर से पुष्ट होंगे बल्कि इनका स्वास्थ्य भी उत्तम रहेगा। दिमाग तेज होने से इनकी पढ़ाई भी चल पड़ेगी।

मालूम हो कि सुनहरी शकरकंद गंजी की ही एक प्रजाति है। आम शकरंकद और इसमें फर्क यह है कि काटने पर इसका गूदा गोल्डेन रंग का होता है। ऐसा इसमें उपलब्ध बीटा कैरोटीन की प्रचुर मात्रा के कारण होता है। मूल रूप से यह केन्या में पाई जाती है। गोरखपुर समेत पूर्वांचल और झारखंड के कृषि जलवायु क्षेत्र में इसकी खेती को प्रोत्साहन देने में गोरखपुर के कृषि वैज्ञािनक डॉ आरसी चौधरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। 100 ग्राम सुनहरी शकरकंद में बीटा कैरोटिन की मात्रा लगभग 20 ग्राम होती है। यह किसी व्यक्ति के लिए हफ्ते भर के लिए जरूरी विटामिन-ए की आपूर्ति कर देता है। इसमें मिलने वाला एंटी आक्सीडेंट यकृत और कैंसर जैसे रोगों की रोकथाम में मददगार है।