डिप्टी सीएम ने परीक्षा की तैयारियों का लिया जायजा

उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने गोरखपुर एयरपोर्ट पर गोरखपुर विवि और मंडल के माध्यमिक बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक कर परीक्षा की तैयारियों का जायजा लिया. डिप्टी सीएम ने कहा कि नकल विहीन परीक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है, सभी परीक्षा केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरा स्टेटिक मजिस्ट्रेट की व्यवस्था की जाए. कापियों को ले जाते और लाते समय वीडियो रिकार्डिंग कराई जाए.उन्होंने कहा कि कोई भी केन्द्र वित्त विहिन नहीं होने चाहिए, साथ ही कहा कि सभी परीक्षार्थी आधार से लिंक होना चाहिए, परीक्षा केन्द्रों पर पुलिस बल की तैनाती हो, प्रशासनिक अधिकारी परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण करते रहें.
डिप्टी सीएम ने कहा कि 50 साल पुराने जर्जर राजकीय विद्यालयों और एडेड विद्यालयों की मरम्मत का प्रस्ताव भेजा जाए. संस्कृत विद्यालयों के भवन यदि जर्जर स्थिति में हैं तो उसकी भी पुन: निर्माण का प्रस्ताव भेजा जाए. कंट्रोल रूम की स्थापना की जाए. और उससे निगरानी रखी जाए. गोरखपुर डीएम ने बताया कि जिले में 206 परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं. सभी केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरे के साथ स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गयी है.
डीप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि पिछली सरकार के समय में नकल को लेकर प्रदेश की छवि अत्यन्त खराब हो गई थी. माफियाराज था पर वर्तमान सरकार ने सत्ता संभालने के बाद मात्र तकनीक के प्रयोग व बेहतर प्रबंधन से परीक्षाओं को नकल विहीन बना दिया.
आज यूपी अन्य प्रदेशों के लिए उदाहरण बन गया है. इसके लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ ही वायस रिकार्डर लगाए गए तथा परीक्षाओं की केन्द्रीयकृत मानीटरिंग आरंभ की गई. आज यूपी बोर्ड की परीक्षा सबसे कम समय में सम्पादित कराई जाती है और सबसे पहले परीक्षा परिणाम आता है. कोरोना काल में भी 3 करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराकर जून में ही परिणाम घोषित कर दिया गयापरीक्षा की तिथि भी सत्र प्रारंभ होने के साथ ही घोषित कर दी जाती है. परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण भी आनलाइन ही किया जाता है.

यह अब एक बदला हुआ प्रदेश है. परीक्षा प्रणाली में सुधार के साथ ही बोर्ड के परीक्षार्थियों की मदद के लिए विशेषज्ञों से शंका समाधान की भी आनलाइन व्यवस्था की गई. छात्र छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने की नीव डालने की प्रक्रिया भी माध्यमिक शिक्षा के स्तर पर ही आरंभ की गई. इस स्तर पर भी कौशल विकास के कुछ कोर्स आरंभ किए गए.माध्यमिक उच्च और बेसिक शिक्षा में शिक्षकों की पारदर्शी भर्ती की गई. प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए 79 राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना की गई तथा आने वाले समय में तीन और विश्वविद्यालय खोलने की प्रक्रिया आरंभ की गई है. सरकार ने 197 राजकीय हाईस्कूल और 51 बालिका छात्रावासों का निर्माण पूर्ण कराया है. 193 इंटर कालेजों का संचालन आरंभ कराया गया है।
संस्कृत भाषा को प्रोत्साहन के लिए 1075 संस्कृत माघ्यमिक विद्यालयों में 97.42 छात्र छात्राओं को संस्कृत शिक्षा दी जा रही है. कोरोना काल में भी यूपी में शिक्षा की रफ्तार बनी रही थी. इसके लिए आनलाइन शिक्षण की व्यवस्था की गई. 29 लाख से अधिक व्हाटसअप ग्रुप बनाकर 67 लाख से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की गई. आनलाइन शिक्षण के लिए स्वयंप्रभा चैनल के जरिए भी पढाया गया, इस आनलाइन शिक्षण के लिए 1.48 लाख शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया गया. इसके साथ ही मेधावी छात्रों को सम्मानित भी किया गया।

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