हां मै हरदोई हूँ आरक्षण के चलते मेरा पूर्ण विकास नही हुआ

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( TV NEWS INDIA) : हां मै हरदोई हूँ आरक्षण के चलते मेरा पूर्ण विकास नही हुआ

मैंने भी देश को आजादी से अब तक दिये दर्जनों सांसद

नरेश अग्रवाल व डॉ अशोक बाजपेयी की प्रतिष्ठा लगी दावं पर

भाजपा व गठबंधन प्रत्याशी में जबरदस्त मुकाबले के आसर

संग़ठन की खींचतान के चलते कांग्रेश प्रत्याशी तरश रहे जमानत बचाने को

हरदोई- सीट पिछली बार मोदी लहर में खिला था कमल, इस बार गठबंधन से होगी कांटे की टक्कर
यहां की राजनीति में नरेश अग्रवाल का प्रभाव, पिछली बार वह सपा में थे, इस बार भाजपा में
भाजपा ने यहां से मौजूदा सांसद अंशुल वर्मा काे टिकट नहीं दिया लखनऊ राजधानी लखनऊ से सटी हरदोई लोकसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।हालांकि यहां की सियासत नरेश अग्रवाल के इर्द-गिर्द घूमती है।पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान नरेश अग्रवाल सपा में थे, बावजूद उसके मोदी लहर में यहां कमल खिला।अब वह भाजपा में शामिल हो गए हैं।1952 को हुए चुनाव को छोड़ दिया जाए यानी 1957 से कांग्रेस 6 बार यहां से चुनाव जीतने में सफल रही, जबकि 3-3 बार भाजपा और सपा इस सीट पर जीत का परचम लहरा चुके हैं।इस बार हरदोई से गठबंधन की प्रत्याशी है उषा वर्मा चुनाव लड़ रही हैं। इनका मुकाबला भाजपा प्रत्याशी जयप्रकाश रावत से है। वीरेंद्र वर्मा कांग्रेस से इस सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं।हरदोई सीट पासी बाहुल्य मानी जाती है।हालांकि वर्तमान सांसद अंशुल वर्मा का टिकट कटने के बाद उन्होंने भाजपा से इस्तीफा दे दिया था।राजनीतिक इतिहास आजादी के बाद से ही हरदोई सुरक्षित सीट है। सबसे पहले जब 1952 में पहला चुनाव हुआ तब यह सीट हरदोई उत्तरी और हरदोई दक्षिणी सीट में विभाजित थी। पहले चुनाव में दोनों ही सीटो पर कांग्रेस को जीत मिली। इसके बाद अगले चुनाव यानी 1957 में यह सीट भारतीय जनसंघ के खाते में चली गई। कांग्रेस ने वापसी की और 1962 से 1971 तक लगातार तीन चुनावों में उसे जीत हासिल हुई। इसके बाद अगले चुनाव यानी इमरजेंसी के दौर में यहां कांग्रेस हार गई। यहां से भारतीय लोकदल का उम्मीदवार विजयी हुआ।इसके बाद हुए दो लगाातर चुनावों में कांग्रेस को फिर जीत हासिल हुई। बाद में 1989 में इस सीट पर जनता दल को जीत मिली। इसके बाद राम मंदिर आंदोलन का दौर शुरू हुआ और फिर 1991 और 1996 में दो बार यह सीट भाजपा के खाते में गई। अगले चुनाव में सपा ने यह सीट भाजपा से छीन ली।हरदोई लोकसभा सीट के तहत पांच विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें सवायजपुर, शाहाबाद, हरदोई, गोपामऊ और सांडी विधानसभा सीटें शामिल हैं।
एक नजर-
लोकसभा चुनाव जीते
2014 अंशुल वर्मा, भाजपा
2009 उषा वर्मा, सपा
2004 उषा वर्मा, सपा
1999 जयप्रकाश, अखिल भारतीय लोकतांत्रिक कांग्रेस
1998 उषा वर्मा, सपा
1996 जय प्रकाश, भाजपा
1991 जय प्रकाश, भाजपा
1989 परमईलाल, जनता दल
1984 किंदर लाल, कांग्रेस
1980 मनीलाल, कांग्रेस
1977 परमईलाल, भारतीय लोकदल
1971 किंदर लाल, कांग्रेस
1967 के लाल, कांग्रेस
1962 किंदर लाल, कांग्रेस
1957 शियोदीन, भारतीय जनसंघ
1952 हरदोई नार्थ बुलाकी, कांग्रेस
1952 हरदोई साउथ स्वामी रमन, कांग्रेस

ब्यूरो रिपोर्ट – सुनील मिश्रा

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