सुविख्यात माता पंतवारी देवी मंदिर नगर ही नही दूरदराज क्षेत्रों में इसकी मान्यता 10 वीं सदी का प्रचीन मन्दिर

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हरदोई पाली:(TV NEWS INDIA) : नगर में स्थित सुविख्यात माता पंतवारी देवी मंदिर नगर ही नही दूरदराज क्षेत्रों में इसकी मान्यता फैली हुई है।इसका इतिहास 10 वीं सदी से जुड़ा हुआ है।10 वीं सदी के कन्नौज के महाप्रतापी राजा अजयपाल के विद्रोही पुत्र अभयपाल ने पिता से विद्रोह कर दिया।स्थित यहां तक कि पहुंच गई कि अभयपाल को कन्नौज छोड़ना पड़ा और वह अपनी माता मंगला देवी के साथ पड़ोस के गांव सांड़ीखेड़ा गांव में रहने लगे।माता मंगला देवी द्वारा जनता के हित मे परस्पर उठाये जाते रहे कदमों के कारण लोग उन्हें देवी माँ के रूप में पूजने लगे।एक दिन मंगला देवी के चिर निद्रा में लीन होने पर समाधि थाने के नीचे दे दी गयी।उसके बाद भी क्षेत्र के लोग उनकी समाधि को देवी की तरह पूजते रहे और उनकी मांगी गई हर मुराद पूरी होती रही।धीरे-धीरे श्रद्धालुओं का विश्वास बढ़ता गया और उक्त स्थान का नाम पंतवारी देवी मंदिर पड़ गया।आज मंदिर परिसर में तमाम देवी देवताओं की प्रतिमा स्थापित है।और शुभ कार्य मे क्षेत्र व दूरदराज के श्रद्धालु मंदिर परिसर में आकर हाजिरी लगाना नहीं भूलते।
पुजारी विजय कुमार गुप्त बताते हैं कि श्रद्धालुओं के सहयोग से मंदिर को और आकर्षक बनाया जा रहा है।सुबह शाम आरती के साथ प्रतिदिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।अक्सर धार्मिक अनुष्ठान होते रहते हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट – सुनील मिश्रा

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