सेबी ने एनडीटीवी के प्रणॉय राय और राधिका रॉय पर शेयर बाजार और चैनल मैनेजमेंट में लगाया दो साल का बैन

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भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी SEBI ने NDTV एनडीटीवी के प्रोमोटर प्रणॉय रॉय और राधिका रॉय पर शेयर बाजार में शेयरों की प्रत्यक्ष या परोक्ष खरीद-बिक्री या किसी भी तरह के लेन-देन और चैनल में डायरेक्टर या कोई भी मैनेजमेंट पद लेने पर दो साल का बैन लगा दिया है. मार्केट रेगुलेटर सेबी ने एनडीटीवी के प्रोमोटर प्रणॉय रॉय और राधिका रॉय के साथ उनकी कंपनी आरआरपीआर होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड पर भी दो साल का बैन लगाया है. सेबी ने प्रणॉय रॉय, राधिका रॉय पर RRPR Holdings PVT LTD के अलावा शेयर बाजार में लिस्टेड किसी भी कंपनी में एक साल तक कोई मैनेजमेंट पद लेने पर भी रोक लगा दी है. सेबी ने प्रणॉय रॉय और राधिका रॉय की होल्डिंग और म्युचुअल फंड को भी दो साल तक के लिए फ्रीज कर दिया है.

एनडीटीवी के प्रोमोटर्स पर सेबी का यह डंडा इनसाइडर ट्रेडिंग रेगुलेशन के उल्लंघन के आरोपों की जांच के बाद चला है. एनडीटीवी की शेयरधारक कंपनी क्वांटम सिक्योरिटीज की शिकायत का नतीजा है जिसमें आरोप लगाया गया था कि एनडीटीवी के प्रोमोटरों ने शेयरधारकों से आईसीआईसीआई बैंक और विश्वप्रधान कॉमर्सियल वीसीपीएल से लोन की बात छुपाई. सेबी ने अपनी जांच में इसे सही पाया और माना कि शेयरधारकों को कंपनी की वित्तीय हालत की सही जानकारी नहीं दी गई. सेबी ने माना कि प्रोमोटर प्रणॉय रॉय और राधिका रॉय ने अल्पमत वाले शेयरधारकों के साथ धोखा किया है. सेबी ने एनडीटीवी के अक्टूबर, 2008 से नवंबर 2017 तक के मामले की जांच करके शुक्रवार को ये आदेश जारी किया है.

एनडीटीवी के प्रमोटर प्रणॉय रॉय और राधिका रॉय ने बयान जारी कर कहा है कि सेबी का आदेश कानूनी रूप से गलत और नियमों के खिलाफ है जिसे कानूनी सलाह के बाद वो कोर्ट में चुनौती देंगे. प्रणॉय रॉय और राधिका रॉय ने अपने बयान में कहा है कि सेबी के कारण बताओ नोटिस में फैसले का आधार बनाई गई चीजें शामिल नहीं थी. उन्होंने कहा है कि जिन बातों को आधार बनाकर सेबी ने आदेश जारी किया है उसका शो कॉज नोटिस में जिक्र नहीं था

क्या है एनडीटीवी, प्रणॉय रॉय, राधिका रॉय, आईसीआईसीआई बैंक और वीसीपीएल कर्ज का मामला 

सेबी की जांच में पता चला कि एनडीटीवी के प्रोमोटर प्रणॉय रॉय और राधिका रॉय ने आईसीआईसीआई बैंक से 375 करोड़ का लोन लिया था जो कर्ज 2009 में वीसीपीएल कंपनी से 350 करोड़ कर्ज लेकर चुकाया गया. वीसीपीएल कंपनी से लोन के समझौते में जो शर्त रखी गई उसमें आरआरपीआर होल्डिंग्स पर वीसीपीएल लोन पीरियड में कंट्रोल लेकर एनडीटीवी में 26 परसेंट शेयर हासिल कर सकती थी. एक साल बाद वीसीपीएल से 53.85 करोड़ का कर्ज और लिया गया जिससे इस कंपनी का एनडीटीवी में शेयर 30 परसेंट होने का स्कोप बन गया.

 

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