सूचना और धन के लिए दिमाग में एक जैसी प्रतिक्रिया होती है

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लाॅस एंजिलिस (TV News India): कोई भी नई जानकारी मिलने पर हमारे दिमाग काे ठीक वैसी ही खुशी हाेती है, जैसी हमें पैसा या पसंदीदा खाना मिलने पर होती है। यह दावा हाल में प्रकाशित एक रिसर्च में किया गया है। इसमें बताया गया है कि जिस तरह लोग कोई जरूरी संदेश नहीं आने पर भी मोबाइल फोन काे बार-बार चेक करते रहते हैं, ठीक उसी तरह हमारा दिमाग सूचनाएं पाने के लिए अपने पैमाने बदलता रहता है। इंसान अमूमन पैसा पाने के लिए ऐसा करता है। दिलचस्प यह है कि शोधकर्ताओं ने अपनी रिसर्च के दौरान जुअा खिलवाकर इसका पता लगाया। सूचना मिलने पर दिमाग के काम करने के तौर-तरीकों का पता लगाने के लिए रिर्सचर्स ने दिमाग की स्कैनिंग कर उसका विश्लेषण किया।

अमेरिकी जर्नल प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज ने इसे प्रकाशित किया है। इसमें शोधकर्ताओं ने बताया है कि हमारा मस्तिष्क सूचना या जानकारी को किस तरह से ग्रहण करता है और किस तरह से उसको उपयोगी होने या नहीं होने का आकलन करता है। इसी आधार पर  सूचनाओं का उपयोग तय करता है। शोधकर्ता मिंग सू का कहना है कि हमारे दिमाग में सूचना और धन के लिए एक ही न्यूरल कोड होता है। यह बताता है कि हम इसका कितना और कैसे उपयोग करें। जिस तरह से हमें जंक फूड अच्छा लगता है, उसी तरह से कोई भी सूचना हमारे दिमाग को अच्छा महसूस कराती है, भले ही यह जानकारी हमारे किसी काम की न हो।

एमआरआई स्कैन के विश्लेषण से शोधकर्ताओं को यह पता चला कि सूचना से दिमाग का केवल वही हिस्सा सक्रिय होता है, जहां से डोपामाइन का रिसाव होता है। डोपामाइन दिमाग में पैदा होने वाला वही रसायन है, जो भोजन करने, पैसा मिलने या ज्यादा दवाएं लेने से सक्रिय होता है। लोगों की जिज्ञासा को न्यूरोसाइंस के जरिए समझने के लिए शोधकर्ताओं ने लॉटरी के जरिए जुए का खेल कराया। इसमें यह पता लगाया गया कि जीतने के लिए कौन से प्रतिभागी ने कितना रिस्क उठाकर सबसे ज्यादा जानकारी हासिल की। साथ ही इसके लिए वह कितनी रकम देने के लिए तैयार हुआ।

Image result for thinking about money ideaदिमाग में एक सेकंड में 1 लाख से ज्यादा रासायनिक प्रतिक्रिया होती है : रिसर्च में खुलासा हुआ कि इंसान के दिमाग में एक सेकंड में एक लाख से ज्यादा रासायनिक प्रतिक्रियाएं होती हैं। इसके कारण उम्र के हिसाब से दिमाग परिपक्व होता जाता है। साथ ही नई-नई योग्यताएं हासिल करता है। इंसानी दिमाग हर उम्र में नई बातें सीखने और नई जानकारी पाने के लिए हमेशा तैयार होता है। नया सीखने के कारण दिमाग में झुर्रियाें के जैसी बनावट विकसित होती रहती है।

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