उत्तर प्रदेश में बढता जा रहा हैं बालू माफियाओं का दबदबा

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उत्तर प्रदेश (TV News India) : महाराजगंज के चैनपुर गांव के पास एक छोटी गंडक नदी बहती है, जहां की अभी बालू माफियाओं का एक दबदबा सा चल रहा हैl

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम चैनपुर, वी खंड- सिसवा, तहसील- निचलौल, थाना -कोठीभार, जनपद महाराजगंज के स्थाई निवासी रामपाल विश्वकर्मा पुत्र राधे जिनसे हुई हमारी बातचीत में उन्होंने हमें इस बात से अवगत कराया कि उनके खेतों के समीप से ही एक छोटी गंडक नदी बहती है, जहां का पानी ही उन लोगों के खेती का सहारा है, और गंडक के सटे उनका खेत है। जहां की लगभग 2 साल से वहां बालू माफियाओं का दबदबा सा बना हुआ है,और वे लोग हमेशा उस गंडक से बालू निकालते आ रहे हैं। किनारा ढहने की वजह से उनका खेत विलुप्त होते जा रहा है।

उनलोगों के बारे में पूछने पर उन्होंने उनका नाम शिबू सिंह पुत्र मारकंडे सिंह वह ग्राम प्रधान दिनेश तिवारी के अलावा गांव के कुछ दबंग लोगों के भी नाम बताएं । जो कि इन बालू माफियाओं के साथ शामिल हैl जब इस संदर्भ में हमने उनसे यह पूछा की जब आप सभी लोगों को जानते हैं, तो आपने उनके खिलाफ कोई शिकायत की तो उन्होंने हमें यह जानकारी दी कि मैंने इसकी शिकायत जिलाधिकारी महोदय महाराजगंज को दी थी, जिन के आदेश के बाद 15 से 20 दिनों तक के लिए इस गंडक से बालू निकालने का काम बंद कर दिया गया था l मगर उसके बाद फिर से वह बालू का निकासी बड़े पैमाने पर करवा रहा हैl

जिसकी शिकायत उन्होंने फिर जनसुनवाई पोर्टल संदर्भ संख्या 40018719010041 व 40018719006746 पर किया था। परंतु इसकी आख्या रिपोर्ट जांच पड़ताल किए बिना ही आख्या गलत तरीके से निस्तारित कर दिया जा रहा हैl अब सवाल यह उठता है कि इस तरह के गरीब किसान जिनका खेत इन छोटी बड़ी गंडक के किनारे हैं। और उन्हें इन माफियाओं की वजह से अपने खेत से हाथ धोना पड़ता है। क्योंकि अगर गंडक से बालू निकाला जाता है, तो उसके किनारे ढहने से ऐसे किसानों का जिन का खेत गंडक के किनारे हैं।

उन्हें आए दिन अपने खेत विलुप्त होते देखते रहना पड़ता है। अब यह किसान सभी अधिकारी और पदाधिकारियों के पास अपने ऊपर हो रहा है जुल्म के लिए दरवाजा खटखटा चुका है, कहीं से कोई आशा नहीं दिख रही है। और किसी प्रकार की अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई ।आखिर कब तक ऐसे किसान इसी तरह कहीं ना कहीं किसी ने माफिया के जुल्म सहते रहेंगे।

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