अयोध्या मामला: 28वें दिन की सुनवाई आज

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नई दिल्ली( TV News India): सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ में अयोध्या मामले पर चल रही सुनवाई का आज अट्ठाईसवां दिन है. आज भी सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से वरिष्ठ वकील राजीव धवन जिरह जारी रखेंगे. कल उन्होंने हाई कोर्ट में हिंदू पक्ष की तरफ से रखी गई गवाहियों को काल्पनिक बताया था. उन्होंने दावा किया था कि मुख्य गुंबद के नीचे भगवान राम का जन्मस्थान होने का दावा बाद में गढ़ा गया था.
राजीव धवन ने की दलील-मुख्य गुंबद के नीचे असली गर्भगृह होने की धारणा को बाद में बढ़ाया गया

धवन की मुख्य दलील इस पर आधारित है कि विवादित इमारत के बाहर बना राम चबूतरा वह जगह है जिसे भगवान राम का जन्म स्थान कहा जाता था. उनका कहना था कि 1885 में महंत रघुवरदास की तरफ से दाखिल मुकदमे में यही कहा गया था. मुख्य गुंबद के नीचे असली गर्भगृह होने की धारणा को बाद में बढ़ाया गया. इसी वजह से 22-23 दिसंबर, 1949 की रात वहां गैरकानूनी तरीके से मूर्तियां रख दी गई.
गलती महसूस कर धवन ने माफी मांगी

वैद्यनाथन के बाद बेंच के सदस्य जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने भी धवन को टोका. उन्होंने कहा, “कोर्ट का काम सवाल उठाना है. हम सवाल इसलिए करते हैं ताकि मुकदमे को किसी निष्कर्ष तक पहुंचाने में मदद मिले.” इसके बाद धवन ने अपनी गलती महसूस की और तुरंत कोर्ट से माफी मांगी. उन्होंने कहा, “जब सुनवाई लंबी चल रही हो तो कभी-कभी मुंह से ऐसी बात निकल जाती है. कोर्ट कृपया इस पर ध्यान न दे.” बेंच की अध्यक्षता कर रहे चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने मामले को हल्का करते हुए कहा, “पूर्वोत्तर से आने वाले लोग किसी के लहजे से नहीं डरते.” गौरतलब है कि जस्टिस गोगोई असम के रहने वाले हैं.
  गवाहियों को काल्पनिक बताया

धवन ने हाई कोर्ट में हिंदू पक्ष की तरफ से पेश दूसरे गवाहों के बयानों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि ज़्यादातर गवाहियां कल्पना पर आधारित हैं. हाई कोर्ट के जज बी डी अग्रवाल ने इन्हीं काल्पनिक कहानियों को सैंकड़ों पन्नों में जगह दी और उनके आधार पर फैसला दे दिया.

POSTED by:-Ashish Jha

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