पाकिस्तान का हमदर्द चीन बढ़ा रहा भारत से दोस्ती

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देश-विदेश (TV News India): भारत और चीन की सेना के अधिकारी एक-दूसरे को बधाई देते हुए, हाथ मिलाते हुए और गले मिलते हुए. यह दृश्य है चीन में आयोजित बॉर्डर पर्सनल मीटिंग का, जहां पर दोनों तरफ की सेना के अधिकारी अपने-अपने विशेष यूनीफॉर्म में थे, जो इस मौके पर पहने जाते हैं. यह मीटिंग चीनी सेना की ओर से चीन सीमा के अंदर बम ला में आयोजित थी.

अक्सर लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर दोनों सेनाओं के बीच तनातनी की खबरें आती हैं, लेकिन यह तस्वीर उससे अलग थी. इस बॉर्डर पर्सनल मीटिंग का संदेश साफ था. दोनों सेनाओं के कमांडरों ने कहा कि दोनों सेनाओं के बीच यह खुशमिजाजी शांति और दोस्ती को बनाए रखने का रास्ता है.
यह विशेष अवसर था जब चीन के राष्ट्रीय दिवस के दिन आयोजित सेरेमोनियल बॉर्डर पर्सनल मीटिंग के दौरान ग्राउंड जीरो पर भारतीय पत्रकारों को जाने की इजाजत दी गई. भारतीय सेना के प्रतिनिधिमंडल के साथ इंडिया टुडे भी चीन सीमा में आयोजित इस समारोह में शामिल हुआ.
भारतीय सेना के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ब्रिगेडियर जुबिन भटनागर कर रहे थे. भारतीय प्रतिनिधिमंडल चीन की सीमा में आयोजन स्थल पर पहुंचा तो चीन की पीपुल्स लिबरे​शन आर्मी के अधिकारियों ने स्वागत किया. दोनों देशों के बीच संवेदनशील मुद्दों पर होने वाली सामान्य कॉन्फ्रेंस के बाद भारतीय अधिकारियों ने अपने चीनी समकक्षों के साथ ड्रिंक के लिए चीयर किया

1990 में हुई थी शुरुआत

ये मीटिंग्स पहली बार 1990 में शुरू हुई थीं और तब से अब तक 84 मीटिंग आयोजित हो चुकी हैं. यह मीटिंग एक तरह से 2017 में डोकलाम में दोनों सेनाओं के बीच बढ़ी तनातनी के बाद आपसी कड़वाहट कम करने का प्रयास भी है.
अप्रैल 2018 में वुहान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अनौपचारिक मुलाकात के बाद दोनों देशों ने मतभेद भुलाकर आगे बढ़ने का रास्ता निकाला था. फिलहाल दोनों देशों की प्राथमिकता विकास और अर्थव्यवस्था पर फोकस करना है. वुहान शिखर सम्मेलन के लक्ष्यों को आगे ले जाने के लिए दोनों देशों के नेता इसी महीने भारत में फिर से मिलने वाले हैं. 

वास्तव में अधिकारियों का कहना है कि ऐसे संवाद कार्यक्रमों की संख्या और बढ़ाई जानी चाहिए ताकि दोनों तरफ की सेनाएं आपस में घुलें मिलें और दोनों तरफ के अधिकारी निजी तौर पर एक दूसरे को पहचानें. भारतीय सेना ने 2017 में डोकलाम चीनी सेना को निर्माण कार्य करने से रोक दिया था, जिसके बाद दोनों के बीच करीब दो महीने तक तनाव का माहौल था और दोनों सेनाएं आमने सामने आ गई थीं.

POSTED by:-Ashish Jha

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