इस तर्ज पर बनेगा अयोध्या में भव्य राम मंदिर

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अयोध्या (TV News India): अयोध्या राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को ऐतिहासिक फैसला दिया है। कोर्ट ने विवादित भूमि का मालिकाना हक राम जन्मभूमि न्यास को दिया है, वहीं मुस्लिमों को मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या में किसी और जगह 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन दी जाएगी। इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार को 3 महीने में ट्रस्ट बनाने को कहा है, कोर्ट ने निर्मोही अखाड़ा और वक्फ बोर्ड की याचिका खारिज कर दी है।

आपको बता दें कि अयोध्या में मंदिर का निर्माण ठीक गुजरात के सोमनाथ मंदिर के तर्ज पर किया जायेगा। ध्यान देने योग्य बात आपको बता दें कि सोमनाथ मंदिर के लिए भी केंद्र सरकार ने ट्रस्ट का गठन किया था। बताते चलें कि स्वतन्त्र भारत के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर का फिर से निर्माण कराया था। बता दें कि उस समय तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद भी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हुए थे।

बताया जाता है कि पहली दिसंबर 1995 को भारत के राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया था। बता दें कि 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर भी है, सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। सोमनाथ मंदिर के बारे में अरब यात्री अल बरूनी ने अपने यात्रा वृतान्त में इसका विवरण लिखा।

इतिहास को पलटा जाये तो पता चलता है कि महमूद गजनवी ने 1025 में सोमनाथ मंदिर पर हमला किया, उसकी सम्पत्ति लूटी और उसे नष्ट कर दिया। इसके बाद गुजरात के राजा भीम और मालवा के राजा भोज ने इसका पुनर्निर्माण कराया। 1297 में जब दिल्ली सल्तनत ने गुजरात पर कब्जा किया तो इसे फिर गिराया गया। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और विनाश का सिलसिला जारी रहा। अब खबर है कि अयोध्या में मंदिर का निर्माण ठीक गुजरात के सोमनाथ मंदिर के तर्ज पर किया जायेगा।

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